1. क्रेडिट कार्ड पर "ब्याज-मुक्त अनुग्रह अवधि" (Interest-Free Grace Period) केवल तभी लागू होती है जब:
ग्राहक न्यूनतम देय राशि (MAD) का भुगतान करता है।
ग्राहक नकद निकालता है।
ग्राहक के पास पिछले महीने से कोई बकाया शेष नहीं है (पूर्ण भुगतान किया गया)।
ग्राहक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्ड का उपयोग करता है।
Explanation:
यदि ग्राहक क्रेडिट को रोल ओवर करता है (केवल MAD का भुगतान करता है), तो ब्याज-मुक्त अवधि वापस ले ली जाती है, और नई खरीदारी पर पहले दिन से ब्याज लगता है। पिछले बिल का पूरा भुगतान अनुग्रह अवधि को पुनर्स्थापित करता है।
2. एक "चार्ज कार्ड" (Charge Card) मानक "क्रेडिट कार्ड" से कैसे भिन्न है?
इसके लिए कार्डधारक को हर महीने पूरे शेष का भुगतान करना होगा; किसी भी परिक्रामी क्रेडिट (revolving credit) की अनुमति नहीं है।
इसका उपयोग केवल एटीएम में किया जा सकता है।
यह एक प्रीपेड कार्ड है।
इसकी क्रेडिट सीमा कम है।
Explanation:
चार्ज कार्ड (जैसे, एमेक्स) की कोई पूर्व-निर्धारित खर्च सीमा नहीं होती है, लेकिन यह शेष राशि को रोल ओवर करने का विकल्प प्रदान नहीं करता है। नियत तारीख तक पूरा बिल भुगतान करना होगा, क्रेडिट कार्ड के विपरीत जो न्यूनतम भुगतान की अनुमति देते हैं।
3. यदि कोई ग्राहक अपना क्रेडिट कार्ड "बिलिंग चक्र" (Billing Cycle) बदलता है, तो यह अनिवार्य रूप से क्या बदलता है?
ब्याज दर।
वार्षिक शुल्क।
विवरण निर्माण तिथि और भुगतान की नियत तिथि।
क्रेडिट सीमा।
Explanation:
RBI ग्राहकों को अपनी वेतन तिथि या नकदी प्रवाह सुविधा के साथ नियत तारीख को संरेखित करने के लिए अपने बिलिंग चक्र को संशोधित करने की अनुमति देता है।
4. यदि कोई क्रेडिट कार्ड धारक नियत तारीख तक केवल "न्यूनतम देय राशि" (Minimum Amount Due) का भुगतान करता है, तो ब्याज किस पर लगाया जाता है?
नियत तारीख से शेष अवैतनिक शेष राशि पर।
केवल नए लेनदेन पर।
प्रत्येक खरीद की तारीख से सभी लेनदेन की कुल राशि पर जब तक कि पिछला शेष पूरी तरह से भुगतान नहीं किया जाता है।
केवल शेष अवैतनिक शेष राशि पर।
Explanation:
केवल न्यूनतम देय राशि का भुगतान करने से ब्याज मुक्त अवधि रद्द हो जाती है। ब्याज की गणना खरीद की तारीख से *पूरी* बिल राशि पर की जाती है, न कि केवल अवैतनिक हिस्से पर, जब तक कि बकाया राशि का भुगतान नहीं हो जाता।
5. यदि कोई क्रेडिट कार्ड खो जाता है और तुरंत रिपोर्ट किया जाता है, तो बाद के धोखाधड़ी वाले लेनदेन के लिए कार्डधारक की देयता क्या है?
पूर्ण देयता।
क्रेडिट सीमा तक सीमित।
लेनदेन मूल्य का 50%।
शून्य देयता।
Explanation:
एक बार जब बैंक को नुकसान की सूचना दी जाती है, तो रिपोर्टिंग समय के *बाद* होने वाले किसी भी लेनदेन के लिए कार्डधारक की शून्य देयता होती है। अधिकांश कार्ड रिपोर्टिंग से पहले की अवधि के लिए भी "ज़ीरो लॉस्ट कार्ड लायबिलिटी" प्रदान करते हैं।
6. जब उच्च मूल्य के क्रेडिट कार्ड लेनदेन को EMI में परिवर्तित किया जाता है:
क्रेडिट सीमा तुरंत बहाल हो जाती है।
कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।
कार्यकाल समाप्त होने तक मूल राशि अवरुद्ध रहती है।
ली गई ब्याज दर आमतौर पर परिक्रामी क्रेडिट (revolving credit) ब्याज दर से कम होती है।
Explanation:
बैंक सामर्थ्य को प्रोत्साहित करने के लिए मानक परिक्रामी क्रेडिट दर (36-42% प्रति वर्ष) की तुलना में कम ब्याज दर (जैसे, 15-24% प्रति वर्ष) पर ईएमआई रूपांतरण की पेशकश करते हैं।
7. आमतौर पर, क्रेडिट कार्ड पर "नकद सीमा" (Cash Limit) होती है:
शून्य।
कुल क्रेडिट सीमा का एक प्रतिशत (जैसे, 20-40%)।
क्रेडिट सीमा से अधिक।
कुल क्रेडिट सीमा के बराबर।
Explanation:
नकद निकासी एक उच्च जोखिम वाली विशेषता है। बैंक जोखिम को कम करने और नकद अग्रिम को हतोत्साहित करने के लिए नकद सीमा को कुल सीमा के एक अंश तक सीमित करते हैं।
8. क्रेडिट कार्ड लेनदेन में "चार्जबैक" (Chargeback) का तात्पर्य है:
कार्डधारक द्वारा उठाए गए विवाद के कारण जारीकर्ता बैंक द्वारा लेनदेन का उलट (reversal)।
नकद निकासी पर लिया गया ब्याज।
रिवॉर्ड पॉइंट मोचन।
वार्षिक शुल्क की वापसी।
Explanation:
यदि कोई ग्राहक दावा करता है कि कोई लेनदेन धोखाधड़ी थी या सामान वितरित नहीं किया गया था, तो वे विवाद उठा सकते हैं। यदि मान्य है, तो बैंक व्यापारी से धन की वापसी के लिए मजबूर करता है, जिसे चार्जबैक कहा जाता है।
9. निम्नलिखित में से कौन क्रेडिट कार्ड पर "परिक्रामी क्रेडिट" (Revolving Credit) का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
कार्ड मशीन में घूमता है।
ग्राहक ब्याज का भुगतान करके अवैतनिक शेष को अगले महीने तक ले जा सकता है।
सीमा हर महीने शून्य पर रीसेट हो जाती है।
ब्याज दर प्रतिदिन बदलती है।
Explanation:
परिक्रामी क्रेडिट उधारकर्ता को केवल न्यूनतम राशि का भुगतान करने और बाकी ऋण को अगले बिलिंग चक्र में रोल ओवर करने की अनुमति देता है, जिससे वित्त शुल्क लगता है।
10. यदि कोई क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ता एटीएम से नकद निकालता है, तो ब्याज कब से लगाया जाता है?
बिलिंग तिथि से।
लेनदेन की तारीख (निकासी की तारीख) से।
ब्याज मुक्त अनुग्रह अवधि समाप्त होने के बाद।
बिल की नियत तारीख से।
Explanation:
खुदरा खरीदारी (POS/ऑनलाइन) के विपरीत, जिसमें ब्याज मुक्त अवधि हो सकती है, क्रेडिट कार्ड पर नकद अग्रिम पर लेनदेन की तारीख से भुगतान की तारीख तक तुरंत ब्याज शुल्क लगता है, साथ ही एक बार का नकद अग्रिम शुल्क भी लगता है।
11. यदि कोई क्रेडिट कार्डधारक कई महीनों तक लगातार केवल "न्यूनतम देय राशि" (MAD) का भुगतान करता है, तो संभावित परिणाम क्या है?
क्रेडिट स्कोर में काफी सुधार होगा।
बैंक ब्याज माफ कर देगा।
कर्ज जल्दी साफ हो जाएगा।
अवैतनिक शेष पर उच्च परिक्रामी ब्याज दर के कारण ऋण बढ़ जाएगा।
Explanation:
केवल MAD का भुगतान करने से कार्ड सक्रिय रहता है लेकिन अवैतनिक शेष भारी ब्याज (30-40% प्रति वर्ष) आकर्षित करता है, जिससे ऋण जाल बन जाता है। यह लंबी अवधि में क्रेडिट स्कोरिंग में एक नकारात्मक कारक के रूप में कार्य करता है।